अमृत महोत्सव के मूल्यों को समझने के लिए दो शताब्दियों की गुलामी को याद करना होगा-मुख्यमंत्री

रायपुर, 15 अगस्त । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बरसते पानी में पुलिस परेड ग्राउंड ध्वजारोहण किया। इसके बाद पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवानों की परेड की सलामी ली। इन टुकड़ियों ने करीब दो साल बाद मार्च पास्ट किया। 2020 और 2021 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कोरोना संकट की वजह से पुलिस बल केवल ध्वज को सलामी दे रहे थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबह 9 बजे से पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए और ध्वजारोहण किया। सीएम बघेल ने ध्वजारोहण करने के बाद राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। ध्वजारोहण और परेड से सलामी लेने के बाद सीएम भूपेश बघेल जनता को संबोधित किया ।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद किया। इसके साथ ही इस मौके उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आखिरी वसीयतनामे का उल्लेख किया। महात्मा गांधी के आखिरी वसीयत नाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधीजी ने कहा था कि भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त कर ली लेकिन अभी शहरों और कस्बों से भिन्न अपने 7 लाख गांवों के लिए सामाजिक, आर्थिक और नैतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना बाकी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अमर शहीदों गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतिबाई लोधी जैसी हजारों विभूतियों की शहादत हमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। स्वतंत्रता संग्राम और आजाद भारत को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल-बाल-पाल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसी विभूतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिया था।

रायपुर में हुए मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल अपनी जैकेट में लाल गुलाब लगाकर आए। इस दौरान डी जी पी ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री के चौथी बार ध्वजारोहण करते ही पुलिस बैंड ने राष्ट्रीय धुन बजाई। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के दस्तों ने राष्ट्रीय ध्वज को सशस्त्र सलामी दी।

सशस्त्र बल के जवानों की ओर से सीएम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद सीएम बघेल ने परेड की सलामी ली।सीएम ने तिरंगे गुब्बारे भी छोड़े। समारोह में अभिभाषण के दौरान सीएम ने छत्तीसगढ़ में चल रही सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। 43 पुलिस अधिकारियों को पदक देकर सम्मानित किया। तीन सर्वेश्रेष्ठ गौठानों को भी पुरस्कार दिया गया।

सीएम भूपेश बघेल ने भाषण की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आजाद भारत के अमृत महोत्सव के मूल्यों को समझने के लिए दो शताब्दियों की गुलामी को याद करना होगा। हमारे पुरखों ने अपनी जान दांव पर लगाकर फिरंगी सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया था। उनका त्याग और बलिदान देश की भावी पीढ़ियों को खुशहाल बनाने के लिए था। हमारा कर्तव्य है कि हम उनके सपनों को साकार करें और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएं।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी है।इससे लगभग 13 हजार करोड़ की राशि किसानों को दी गई। एक सीजन में किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपये की राशि देने वाला छत्तीसगढ़ पहला प्रदेश है।गोधन न्याय योजना शुरू हुए भी तीन साल हो गए हैं। अब तक गोबर विक्रेता, गौठान समितियों और स्व सहायता समूहों को 312 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। देश में रासायनिक खाद की कमी और मूल्य वृद्धि के बीच गौठानों में बनाया जा रहा जैविक खाद एक बेहतर विकल्प बन रहा है।

पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की पुरुष एवं महिला प्लाटून, छत्तीसगढ़ पुलिस, नगर सेना, भारतीय तिब्बत सेना और एनसीसी की बालक बालिका प्लाटून के साथ पुलिस बैंड प्लाटून ने भी मार्च पास्ट किया। कार्यक्रम के दौरान 43 पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करने के साथ 3 सर्वश्रेष्ठ गौठानों को पुरस्कार प्रदान किया।