राजनांदगांव : तेन्दूपत्ता संग्रहण से वनवासियों के जीवन में आ रही खुशहाली

राजनांदगांव : तेन्दूपत्ता संग्रहण से वनवासियों के जीवन में आ रही खुशहाली

राजनांदगांव / रायपुर , 8 दिसंबर । छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सघन वन में तेन्दूपत्ता बहुतायत है। वनीय क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्रहण वनवासियों के आजीविका का प्रमुख साधन है। जिले में व्यापक स्तर पर संग्राहकों द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया है। शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तेन्दूपत्ता की खरीद करने से ग्रामीणों को लाभ मिला है और तेन्दूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक राशि से उनके जीवन में खुशहाली आ रही है।

जिले में राजनांदगांव एवं खैरागढ़ वनमंडल द्वारा 64 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वनोपज सहकारी समितियों द्वारा हितग्राहियों के बैंक खाते में जमा की गई है। खैरागढ़ एवं राजनांदगांव वन मंडल अंतर्गत वर्ष 2019 से 2021 तक जिले में कुल 70 समितियों में 902 फड़ में एक लाख 26 हजार 895 संग्राहकों द्वारा 161912.684 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया। इसके अलावा शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति दी जा रही है। संग्राहकों को संग्रहण पारिश्रमिक के अतिरिक्त बोनस की राशि प्रदाय की जा रही है। संग्राहकों की मृत्यु अथवा दुर्घटना में विकलांगता की स्थिति में उन्हें बीमा राशि भी प्रदाय किया जा रहा है।

राजनांदगांव वनमंडल के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्रहण जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव वनोपज के अंतर्गत 50 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां में 51 लॉट संचालित हैं, जिसके अंतर्गत 646 संग्रहण केन्द्रों में वर्ष 2021 में 48 हजार 277 संग्राहकों द्वारा 65,559.054 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया। जिसकी राशि 26 करोड़ 22 लाख रुपये का संग्रहण पारिश्रामिक राशि का भुगतान प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में किया गया है।