कोरोना ने शादियों की धमा चौकड़ी को किया पराजित, बिना घोड़ी के दुल्हे पहुंचे मैरिज होम

कोरोना ने शादियों की धमा चौकड़ी को किया पराजित, बिना घोड़ी के दुल्हे पहुंचे मैरिज होम

कोरोना ने शादियों की धमा चौकड़ी को किया पराजित

पुलिस के झंझट से बचने को कई जगह बिना घोड़ी के दुल्हे पहुंचे मैरिज होम

कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते शादियों में कम दिखाई दी भीड़भाड़

कोरोना के चलते इस बार देवउठानी एकादशी पर नहीं लगा मथुरा शहर में जाम, सुकून से चढ़ी बैंड बाजों सहित बारात

मथुरा, 26 नवम्बर । देवोत्थान एकादशी के अवसर पर अनसूझे विवाह मुहूर्त में इस बार कोरोना की गाइड लाइन के चलते मथुरा जिले में अच्छा खासा प्रभाव देखने को मिला। इस बार मथुरा जिले में 700 से अधिक शादियां हुई। कहीं शादी समारोह में आने वाले लोगों की संख्या कम नजर आई तो कहीं बिना दूल्हा बगैर बैंड बाजे और घोड़ी के ही सीधे मैरिज होम पहुंचते दिखाई दिए।

कई जगह घरातियों एवं बारातियों ने कोरोना के नाम पर परिचितों के माध्यम से लिफाफों में शुभकामनाएं भिजवाकर शादियों में जाने से बचते नजर आए। तो कहीं पुलिस प्रशासन ने बिना मास्क के बरातियों को मास्क उपलब्ध करा उन्हें हिदायत देकर गतंव्य रवाना किया। कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत आयोजन स्थल पर ज्यादा भीड़भाड़ न हो, इसलिए वर-वधु के सिर्फ माता-पिता को ही आयोजन स्थल पर प्रवेश दिया गया। सात जन्म के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने से पहले वर-वधु के हाथ सैनिटाइज कराए गए।

गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत देवोत्थान पर होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों में काफी भीड़भाड़ रहती थी। रिश्तेदारों का जमघट लगता था। मगर, इस बार बेहद सामान्य तरीके से मथुरा जिले में शादियां कराई गई। जिनमें आयोजन स्थल पर अधिकांश लोग मास्क तो लगाए थे लेकिन शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पाया। वर-वधु और उनके माता-पिता आयेजन स्थल पर एक ही जगह एकत्रित रहे। आशीर्वाद और फेरों के समय सभी आसपास ही थे। हालांकि सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था थी।

इस बार मथुरा जिले में 700 से अधिक शादियां हुई। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते बुधवार को इस सीजन की पहली शादी में जहां बारातों में बारातियों की संख्या न के बराबर नजर आई। वहीं अनेक स्थानों पर बगैर बैंड बाजे, बग्घी घोड़ी और धूम धड़ाके के ही कन्या पक्ष के यहां पहुंचे। कासगंज से होलीगेट स्थित खत्री धर्मशाला आई एक बारात में दूल्हे राजा बगैर किसी बैंड बाजे और धूम धड़ाके के धर्मशाला पहुंच गए और शादी की रस्म अदायगी की। इस बारात में बारातियों की संख्या भी कोविड-19 के चलते प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार कम ही रही। इसके कारण मैरिज होम वाले मार्गों पर जहां पहले काफी जाम लग जाया करता था। वहीं अब इन मार्ग पर कोई जाम नजर नहीं आया। इनमें कृष्णा नगर मार्ग, बीएसए कालेज से लेकर भूतेश्वर मार्ग, मसानी क्षेत्र, सरस्वती कुंड क्षेत्र आदि प्रमुख रहे। बारात के कारण जाम लगने की समस्या से जूझने वाले आम लोग जाम न लगने से काफी सुकून में नजर आए।

शादियां आते ही बाजार से मास्क हुआ गायब

प्रशासन द्वारा शादी की अनुमति कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार ही दी जा रही है। गाइड लाइन के अनुसार शादी में शामिल होने वाले सभी लोगों को मास्क लगाना एवं हैंड सेनिटाइजर रखना आवश्यक है। बुधवार को शादियां आरंभ होते ही बाजार में मास्क की किल्लत आरंभ हो गई है। जिनके घरों में शादी है वह लोग बाजार से इकट्ठे मास्क खरीद कर ले जा रहे हैं। इसके चलते बाजार में अब मास्क की किल्लत दिखा कर काला बाजारी आरंभ हो गई है। कई होलसेल व्यापारियों के पास मास्क उपलब्ध ही नहीं है। उनके दुकान पर आ रहे रिटेलर वापस लौट कर जा रहे हैं।

कोरोना के चलते कम हो गई घराती-बारातियों की संख्या

कोरोना संक्रमण की फिर से चली लहर के चलते यूपी सरकार ने शादियों के लिए हाल ही में नई गाइड लाइन जारी की है। गाइड लाइन के अनुसार शादी में सिर्फ 100 ही व्यक्ति शामिल हो सकेंगे। जबकि शादियों के कार्ड बीते काफी समय से बांटे जा रहे थे। ऐसे में कन्या एवं वर पक्ष के लोग परेशान हैं कि कार्ड निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को बांटे गए हैं। ऐसे में किसे बुलाएं और किसे मना करें। उनके सामने यह धर्म संकट खड़ा हो गया है। तो कुछ आमंत्रित किए गए लोग भी शादी वाले लोगों की इस समस्या को समझ रहे हैं और खुद ही फोन कर शादी में जाने से मना कर रहे हैं और परिचितों के माध्यम से ही अपनी शुभकामनाएं भेज रहे हैं।