सिवनीः कलेक्टर से शिकायत करके डिप्टी रेंजर पर लगाया बदले की भावना से काम करने का आरोप

सिवनीः कलेक्टर से शिकायत करके डिप्टी रेंजर पर लगाया बदले की भावना से काम करने का आरोप

सिवनी, 01 सितम्बर। जिले के पेंच नेशनल पार्क अंतर्गत आने वाले ग्राम विजयपानी(बादलपार) निवासी रामकुमार गौंड ने क्षेत्र संचालक पेंच टाईगर रिजर्व व कलेक्टर सिवनी को बीते दिवस शिकायत देकर वन परिक्षेत्र घाट कोहका बफर के डिप्टी रेंजर रमेश उइके पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि वनपाल द्वारा पूर्व के विवाद को लेकर मेरे दोपहिया वाहन को वन अपराधों में शामिल किया गया है। आवेदक ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रामकुमार गौंड ने शिकायती पत्र में कहा है कि वन परिक्षेत्र घाट कोहका के डिप्टी रेंजर रमेश उइके, वनरक्षक चौधरी, हरदा के द्वारा बीते 19-20 अगस्त की रात्रि में उसके दोपहिया वाहन को जो चतुर्भुज तेकाम के घर के सामने रखा था को वन अपराध में शामिल किया गया है। जिसकी सूचना उसे नहीं दी गई है। रामकुमार ने बताया कि वह 19 अगस्त की रात को चतुर्भुज तेकाम के घर यूरिया खाद के लिये गया था। जहां उसने रात्रि में भोजन किया और देर रात को जब उसने अपने वाहन को देखा तो वह वहां नहीं था। सुबह ग्रामीणों से पता चला कि उसके वाहन को डिप्टी रेंजर रमेश उइके घाट कोहका लेकर गया है।

शिकायती पत्र में गौंड ने कहा कि लगभग 02 वर्ष पहले वन्यप्राणियों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने की बात को लेकर वह विजयपानी स्थित नाका गया था, जहां चौधरी नाकेदार के साथ उसका विवाद हुआ था। चौधरी नाकेदार ने उसे मारा था और बाद में ग्रामीणों की समझाईश पर समझौता करवाया गया था। उसी का बदला लेने के लिए नाकेदार व वनपाल ने उसकी गाड़ी को वन अपराधों में शामिल किया है, जो फायनेंस पर उठाई गई है।

वहीं, विजयपानी के ग्रामीणजनों ने भी क्षेत्रसंचालक और कलेक्टर को शिकायती पत्र देकर कहा है कि बीते 05 वर्षों से निस्तार के लिए बांस बल्ली नहीं दी जा रही है, जिसके कारण ग्रामीण जन अपने खेतों से पेड़ों को काटने के लिए मजबूर हैं। आवेदन देने के बाद भी अनुमति नहीं दी जाती, जिसके कारण राजेन्द्र एवं सियाराम अपने खेत में लगे सूखे सागौन के पेड़ को काटकर चौखट बनाने के लिए घर ले गए थे। उसी दौरान वनपाल ने वैमनस्यता पूर्वक कार्यवाही की है, जो निदंनीय है। वनक्षेत्रों में अवैध कटाई, अवैध शिकार चरम पर है, जिस पर वन अमला कार्यवाही नहीं कर रहा है और गाड़ी छोड़ने व लकड़ी के जुर्माने के नाम नगद 13 हजार रूपये लिये गये हैं। वन अमला अनावश्यक ग्रामीणों को परेशान कर रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए।

इस सबंध में वनपरिक्षेत्र अधिकारी घाटकोहका ने बताया कि परिक्षेत्र में बीते 19 अगस्त को लकड़ी से संबंधित वन अपराध दर्ज किया गया है। संबंधित व्यक्तियों द्वारा लगाये गये आरोप निराधार हैं। मामले की जांच की जायेगी।