तेलंगाना : आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने लांच की अपनी नई पार्टी

तेलंगाना : आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला ने लांच की अपनी नई पार्टी

हैदराबाद । आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी और प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला रेड्डी ने तेलंगाना में अपनी अलग पार्टी की घोषणा कर दी है। शर्मिला रेड्डी ने अपने पिता की जयंती के अवसर पर पार्टी लांच की है। पार्टी लांच के दौरान शर्मिला की मां वाईएस विजयम्मा अपनी बेटी को समर्थन देने के लिए उनके साथ मौजूद रहीं।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि उनकी बेटी ने तेलंगाना की जनता की सेवा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शर्मिला अपने पिता की तरह हिम्मत रखती है।

हैदराबाद के जेआरसी कन्वेंशन सेंटर में पार्टी के ध्वज का अनावरण किया गया। इस अवसर पर पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में शर्मिला ने कहा कि उनके पिता की कल्याणकारी योजनाओं को आज तक जनता भूल नहीं पायी है। उन्होंने तेलंगाना राज्य में फिर से उन्हीं कल्याणकारी योजनाओं को बहाल करने के लिए पार्टी को स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिन में वह राज्य में जनता से संपर्क अभियान के तहत पदयात्रा करेंगी। उन्होंने कहा कि समानता और स्वयं समृद्धि उनकी पार्टी का सिद्धांत होगा।

शर्मिला ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना महामारी से और इसके इलाज में गरीबों के घर बिक गए। अगर कोरोना का इलाज आरोग्यश्री स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल करते तो जनता को काफी लाभ होता। बेरोजगारी पर भी राज्य सरकार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पायी है और ना तो बेरोजगारी भत्ता राज्य के युवकों को प्रदान किया गया।

तेलुगु भाषा के राज्यों के जल बंटवारा के विवाद का जिक्र करते हुए शर्मिला ने कहा कि आंध्रप्रदेश जब 2 साल से कृष्णा नदी पर कई सिंचाई परियोजना को अंजाम दे रहा है तो तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से क्यों नहीं विचार-विमर्श किया।

शर्मिला ने केंद्र पर भी आरोप लगाए कि इस समस्या का समाधान देने के बजाय केन्द्र ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के हित में जल बंटवारे पर संघर्ष करेंगे। उनका कहना है कि दोनों तेलुगु भाषी राज्यों को न्याय मिलना उनके पार्टी का संकल्प रहेगा।

शर्मिला पर तेलंगाना का न होने को लेकर भी निशाना साधा जा रहा था और इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना में पली-बढ़ीं, उन्होंने यहां से पढ़ाई की है और इसी राज्य में उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया है। शर्मिला ने कहा कि वह तेलंगाना से प्यार करती हैं और राज्य के हितों के खिलाफ कभी कोई काम नहीं करेंगी।

शर्मिला के इस ऐलान के बाद सत्ता के गलियारों में कयासों का दौर भी शुरू हो गया है कि राजनीतिक तौर पर वह किसकी मदद करेंगी या किसको नुकसान पहुंचाएंगी। शर्मिला अनुसूचित जाती /जनजाति / रेड्डी समुदाय के वोट बैंक को साध सकती हैं क्योंकि ये समुदाय उनके पिता को खासा पसंद करते थे।