भारत फिर से विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर: उपराष्ट्रपति

भारत फिर से विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर: उपराष्ट्रपति

झुंझुनू, 19 नवंबर । उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को राजस्थान में झुंझुनू जिले के खेतड़ी से विवेकानंद संदेश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह संदेश यात्रा 50 दिन में पूरे प्रदेश में भ्रमण करेगी।

खेतड़ी के पोलोग्राउंड खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद का भारत में विविध एकता का एक सपना था, जो आज साकार हो रहा है। देश के संस्कृति मंत्रालय की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत खेतड़ी से शुरू की जा रही विवेकानंद संदेश यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

उन्होंने कहा कि भारत पूरे विश्व में आज पांचवीं अर्थव्यवस्था बन चुका है तथा जल्द ही तीसरी अर्थव्यवस्था बनकर दिखाएंगे। भारत आज अपने दम पर हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। किसी भी काम के लिए आज हमारा देश दूसरे देशों का मोहताज नहीं है। जिन लोगों ने इस देश पर राज किया, आज भारत उनको पछाड़कर बड़ी शक्ति बनने जा रहा है। भारत में लगातार हो रहे विकास की जबरदस्त यात्रा तेजी से चली जा रही है लेकिन कुछ लोग भ्रमित होकर बिना कुछ समझे अनर्गल बातें करते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कोविड वैक्सीनेशन में हमारे देश ने बहुत मेहनत कर विदेशों को वैक्सीन दी और आज दुनिया के किसी भी मापदंड में भारत पीछे नहीं रहा है। इससे पूरी दुनिया आज भारत की सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत पूर्व समय में विश्व गुरु हुआ करता था। आज फिर से हम विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर हो रहे हैं। दुनिया का आज कोई ऐसा प्रतिष्ठान नहीं है, जिसमें कोई भारतीय बड़े पद पर नहीं हो। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद को शिकागो धर्म सम्मेलन में भेजने व विश्व में भारत की पहचान बनाने में राजा अजीत सिंह और खेतड़ी का बहुत योगदान रहा है। विवेकानंद संदेश यात्रा आमजन को नए विचारों के लिए प्रेरणा देगी।

इससे पहले उपराष्ट्रपति धनखड़ भारतीय वायुसेना के विमान से खेतड़ी के नेहरू मैदान में पहुंचे। इस दौरान पुलिस के जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। क्षेत्रीय विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, पालिका चेयरमैन गीता सैनी, प्रधान मनीषा गुर्जर ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। सड़क मार्ग से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ खेतड़ी के अजीत विवेक संग्रहालय में पहुंचे। जहां पर उनका रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी आत्मानिष्ठानंद महाराज ने बुके भेंट कर स्वागत किया। उसके बाद उपराष्ट्रपति अपनी धर्मपत्नी के साथ अजीत विवेक म्यूजियम में बने भव्य स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया।

इस दौरान ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी भी मौजूद रहे। स्वामी आत्मानिष्ठानंद महाराज ने उपराष्ट्रपति को पूरे म्यूजियम का भ्रमण कराया। जहां पर मैना बाई, स्वामी विवेकानंद को अपने भजन प्रभु जी मेरे अवगुण चित ना धरो के माध्यम से ज्ञान दिया, वह स्थल भी उपराष्ट्रपति ने देखा।

खेतड़ी में होने वाले संदेश यात्रा के उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ उनकी धर्मपत्नी सुदेश धनखड़, ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी प्रमुख ए बालकृष्ण, रामकृष्ण मिशन सचिव आत्मनिष्ठानंद महाराज मंच पर उपस्थित रहे। यात्रा के संयोजक डॉ. स्वतंत्र शर्मा व अशोक सिंह शेखावत ने बताया कि खेतड़ी से शुरू होने वाली विवेकानंद संदेश यात्रा पूरे राजस्थान प्रदेश में भ्रमण करेगी। संदेश यात्रा 50 दिन में प्रदेश के 7 संभागों के 33 जिलों में 75 स्थानों पर भ्रमण करते हुए 7 जनवरी को जोधपुर पहुंचेगी। जहां भव्य यात्रा के समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा।