नारायणपुरः महिला कृषक पुनेश्वरी बाई ने खेती को बनाया लाभ का धंधा

नारायणपुरः महिला कृषक पुनेश्वरी बाई ने खेती को बनाया लाभ का धंधा

नारायणपुर, 1 सितंबर । खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए जिले के किसान पारपंरिक खेती के स्थान पर अब सब्जियां उगाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे है। इन्ही किसानों में से एक है छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत माहका की महिला कृषक पुनेश्वरी बाई, जिन्होने आधुनिक खेती को अपनाकर खेती को लाभ का जरिया बनाया है।

उनके पति मैनूराम खेती करते थे। उन्हीं से प्रेरित होकर पुनेश्वरी बाई ने सोचा कि खेती में नई तकनीक का उपयोग कर परंपरागत खेती के स्थान पर सब्जियां आदि उगाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। लगभग 4-5 वर्ष पहले उन्होने खेती शुरू की। पुनेश्वरी ने बताया कि उसने अपने लगभग एक एकड़ जमीन पर पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज, आलू, भिण्डी, करेला आदि लगाया है, जिसे वह जिले के हाट बाजारों, ग्रामों, कैम्पों में विक्रय कर आमदनी प्राप्त कर रही है। पुनेश्वरी बाई ने बताया कि पूरी मेहनत से खेती करना शुरू किया और हाईब्रिड बीज और नई-नई तकनीकों के उपयोग और बेहतर से आज वह दो से तीन गुना लाभ कमा रही है। वर्ष 2020-21 में आलू फसल 30 क्विंटल उत्पादन कर दो सो तीन लाख रुपये की आमदनी प्राप्त हुई। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में दो हजार वर्गमीटर में शेडनेट हाउस निर्माण किया गया है। प्रतिदिन 15-20 किग्रा. सब्जी उत्पादन हो रहा है।

उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक मोहन साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा किसानों को अधिक आय प्रदान करने हेतु विभिन्न योजनानाएं संचालित की जा रही है। जिनका लाभ लेकर किसान उन्नतशील कृषक बनने की ओर अग्रसर हो सकते है। उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत शेडनेट हाउस निर्माण लगभग 70 हजार वर्ग मीटर में अनुदान 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दी गई है।