अब बच्चों की होगी किताबों की दुनिया, बढ़ेगा ज्ञान

-कंपोजिट विद्यालय में 10 लाख की लागत से बनेगा ई-लाईब्रेरी

- ई-लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को मिलेंगी रोचक व ज्ञानवर्धक किताबें

मीरजापुर, 07 दिसम्बर । कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को रोचक व अन्य ज्ञानवर्धक किताबों के लिए दुकान का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बच्चे जल्द ही विद्यालय से ही ज्ञानवर्धक पुस्तकें प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से इतर ज्ञान पाने की सुविधा भी मिलेगी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायत हथेड़ा व ग्राम पंचायत कोटार के कंपोजिट विद्यालय में ई-लाइब्रेरी बनेगा।

कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अभी तक ई-लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिलता था। अधिकतर बच्चों को यह जानकारी भी नहीं होती थी कि लाइब्रेरी का क्या महत्व होता है। अब कंपोजिट स्कूलों में ई-लाइब्रेरी स्थापित कराने पर जोर है। विकास खंड हलिया के ग्राम पंचायत हथेड़ा व कोटार के कंपोजिट विद्यालय में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए प्रस्तावित है। एक ई-लाइब्रेरी की लागत 10 लाख होगी। ई-लाईब्रेरी संचालन शुरु करने के लिए दोनों विद्यालय में एक-एक कक्ष का निरीक्षण कर चयनित किया गया है। जल्द ही ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में ही मिलने लगेगी।

एबीएसए धनंजय सिंह ने बताया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायत हथेड़ा व कोटार के कंपोजिट विद्यालय में ई-लाईब्रेरी संचालन करने के लिए प्रस्तावित है। इसके लिए विद्यालय में एक कक्ष उपलब्ध कराया गया है। जल्द ही ई-लाईब्रेरी की सुविधाएं बच्चों को मिलने लगेगी। ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक किताबें रखी जाएंगी। कोशिश यही है कि जल्द ही किताबों से विद्यार्थियों को लाभ मिलना शुरू हो।