गाजियाबाद, 22 मई । कथा रंग द्वारा आयोजित कहानी महोत्सव एवं अलंकरण समारोह भव्य लिटरेरी फेस्टिवल के रूप में संपन्न हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आए रचनाकारों ने विभिन्न सत्रों में अपने विचार प्रकट किए। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ करते हुए विधायक अतुल गर्ग ने कहा कि एक समय था जब इलाहाबाद की पहचान साहित्य की राजधानी के रूप में होती थी। गाजियाबाद आज साहित्य की कुंभ नगरी बन गया है। द्वितीय सत्र के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध लेखक अब्दुल बिस्मिल्लाह ने कहा कि जब सदी बदलती है तो कईं बदलाव लाती है।
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि जीवन में आ रहे बदलाव पर ध्यान देकर किया गया लेखन ही दूर तक जाता है। अंतिम सत्र की मुख्य अतिथि मैत्रेई पुष्पा ने कहा कि ऐसे समारोह नए रचनाकारों को साहस व आगे बढ़ने का हौसला प्रदान करते हैं।
सुप्रसिद्ध समीक्षक राहुल देव ने कहा कि जीवंत भाषा शुद्धता का आग्रह करती है। विराट स्वरूप के बावजूद अंग्रेजी मिश्रित हिंदी भाषा के वजूद के लिए खतरा पैदा कर रही है।
कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज, मोहन नगर के प्रेक्षागृह में अद्विक प्रकाशन के सहयोग से संपन्न भव्य कहानी महोत्सव में कहानी का वर्तमान विषय पर विमर्श में लेखक व आलोचक हरियश राय ने कहा कि देश में कहानी का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। रचनाकारों को अपने कथ्य एवं शिल्प को परिदृश्य में हो रहे बदलाव के अनुरूप गढ़ना होगा। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक यतेंद्र यादव ने कहा कि साहित्य की यात्रा तब पूर्ण व सार्थक होती है जब वह आम आदमी से जुड़ती है।
वरिष्ठ साहित्यकार अशोक मैत्रेय ने कहा कि कथा रंग के कथा संवाद कार्यशाला से लिटरेरी फेस्टिवल की यात्रा कहानी का आंदोलन बन गई है। डॉ नवीन चंद्र लोनी ने कहा कि कथा रंग देश भर के रचनाकारों को नई पहचान देने का काम कर रहा है। सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार आलोक पौराणिक व अभिनेता मनु कौशल मंचित लेखक से मिलिए प्रस्तुति बेहद रोचक रही। प्रसिद्ध रंगकर्मी जे. पी. सिंह की नाट्य प्रस्तुति छोड़ो कल की बातें भी सराहनीय रही।
कहानी महोत्सव में देश भर से आए रचनाकारों शोभनाथ शुक्ल, आशा पांडे, सिनीवाली, अखिलेश श्रीवास्तव चमन, डॉ. निधि अग्रवाल, डॉ. अजय गोयल, डॉ. रख्शंदा रूही मेहंदी, महावीर उत्तरांचली, चंद्रकांता, आशीष दशौत्तर, मलय जैन, नीलम राकेश, रिंकल शर्मा, डॉ. अमिता दुबे, सुभाष अखिल, संजय सिसोदिया आदि को कथा रंग साहित्य अलंकरण प्रदान किया गया। इस अवसर पर सुभाष चंदर, आलोक यात्री, जितेन ठाकुर, नवीन कुमार भास्कर, द्विजेंद्र कुमार, जवाहर चौधरी, कविता शर्मा व शोभनाथ शुक्ल की पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। सुभाष चंदर, आलोक यात्री, सुरेश मीणा, शिवराज सिंह ने भी विचार प्रकट किए। मंच संचालन सुप्रसिद्ध व्यंगकार एवं कवि पंकज प्रसून, मनु लक्ष्मी मिश्रा, दीपाली जैन, वागीश शर्मा व डॉ. प्रीति कौशिक ने किया।