मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरूद्ध जगन्नाथ के निधन से बलिया के अठिलापुरा में भी शोक

मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरूद्ध जगन्नाथ के निधन से बलिया के अठिलापुरा में भी शोक

बलिया, 04 जून (हि.स.)। मारीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ के 91 वर्ष की आयु में निधन के बाद यूपी के बलिया जिले के अठिलापुरा गांव में भी शोक है। अनिरुद्ध जगन्नाथ को अपने परिवार का मानने का दावा करने वाले अठिलापुरा एक परिवार में गम का माहौल है।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति रहे अनिरुद्ध जगन्नाथ को अपने परिवार का मानने का दावा करने वाले जयप्रकाश यादव ने बताया कि मेरे बड़े पिता स्व. हरिहर यादव कहते थे कि हम लोगों के परिवार के झुलाई यादव व विदेशी यादव नाम के दो लोग 1873 में कलकत्ता (अब कोलकाता) गए थे। जहां से अंग्रेज उन्हें पकड़ कर गिरमिटिया मजदूर के रूप में मारीशस लेते गए। और वे वहीं बस गए। जेपी यादव दावा करते हैं कि विदेशी यादव के ही परिवार के अनिरुद्ध जगन्नाथ हैं। क्योंकि अनिरूद्ध जगन्नाथ भी यह मानते थे कि उनके पूर्वज विदेशी यादव ही थे।

बताया कि करीब तीन साल पहले मारीशस के पूर्व प्रधानमंत्री व पूर्व राष्ट्रपति अनिरूद्ध जगन्नाथ पूर्वजों की तलाश में वहां के हाई कमिश्नर जगदीश गोवर्धन हमारे यहां आए थे। उन्होंने परिवार के सभी लोगों से बातचीत की थी। तब उन्होंने पाया था कि अनिरुद्ध जगन्नाथ के चेहरे से हमारे परिवार के हरिहर यादव का चेहरा मिल रहा है। हालांकि गाजीपुर जिले के अभिलेखागार से कोई अभिलेख नहीं मिल सका और ना ही बलिया में ऐसा कोई अभिलेख है, जिससे हम लोग प्रमाणित रुप से स्पष्ट कर सकें। लेकिन अनिरूद्ध जगन्नाथ भारत आकर अपने पूर्वज के घर यानी हमारे घर अपनी जड़ों को देखने वाले थे। तब तक कोरोना काल आ गया और बात वहीं की वहीं रह गई।

जेपी यादव ने बताया कि अनिरुद्ध जगन्नाथ के गुरुवार को धन के बाद उनकी एक रिश्तेदार नलिनी जो फ्रांस में रहती हैं, उनका कॉल गुरूवार रात में आया था। तभी हम लोग जान सके कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन से हम लोगों को काफी गहरा आघात पहुंचा है। हमें उन पर गर्व था और आगे भी रहेगा। जेपी यादव ने बताया कि आज शाम को परिवार के लोग एक छोटी श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेंगे। जिसमें उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जाएगी।