कानपुर : पांच वर्ष में एक हजार घरों में लगे ग्रिड संयोजित रूफटॉप सोलर पावर प्लांट

कानपुर : पांच वर्ष में एक हजार घरों में लगे ग्रिड संयोजित रूफटॉप सोलर पावर प्लांट

कानपुर, 31 मई । केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से संचालित ग्रिड संयोजित रूफटॉप सोलर पावर प्लांट कानपुर में अबतक एक हजार आवासीय स्थानों पर इसकी स्थापना हो चुकी है। यह जानकारी बुधवार को साथी सलुसन सोलर कंपनी के इंजीनियर देवेन्द्र सिंह सचान ने दी।

सचान ने बताया कि यह योजना सरकार ने अभी शहरी क्षेत्र के लिए शुरू किया है। इसकी स्थापना से विद्युत की खपत में कमी के साथ ही सोलर पैनल से पैदा होने वाली सोलर एनर्जी अर्थात बिजली को उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग लेता है और उसके बदले उपभोक्ता को दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान होता है। केंद्र एवं राज्य सरकार इसे लगाने के लिए अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। लाभ पाने के लिए उप्र नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण यूपीनेडा की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इंजीनियर ने बताया कि इस योजना के तहत पहले सभी सरकारी कार्यालयों में स्थापित किया गया। उसके साथ ही निजी आवासीय क्षेत्र में काम शुरू हुआ। पहले वर्ष और दूसरे वर्ष बहुत कम संख्या बढ़ी और इसी दौरान कोरोना महामारी के प्रथम चरण में 70 और दूसरे वर्ष 190 और तीसरे वर्ष 150 सोलर पैनल स्थापित करने में कामयाबी मिली।

कानपुर महानगर में स्वरूप नगर, तिलक नगर, किदवई नगर, बर्रा, दामोदर नगर, बेकनगंज, समेत अन्य मोहल्ले में भी सोलर स्थापित हुए हैं। अब तक एक हजार लोगों के घरों में सोलर पैनल लगाया जा चुका है। लोगों ने अप्लाई भी किया है, उनकी प्रक्रिया जारी है।

जो उपभोक्ता सरकारी सब्सिडी लेना चाहते हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण यूपीनेडा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उसके बाद उसकी जांच और सर्वे रिपोर्ट जिले के अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के परियोजना अधिकारी तैयार करते हैं। उसकी रिपोर्ट पहले विद्युत विभाग को भेजते हैं। दोनों विभागों से प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोलर कम्पनी को सोलर लगाने का निर्देश जारी किया जाता है।

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग कानपुर नगर के परियोजना अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य सरकार का आवासीय उपभोक्ता के लिए नियम व शर्तें निर्धारित की गई है।

एक किलोवाट से तीन किलोवाट क्षमता के संयंत्र की लागत का 40 प्रतिशत और 03 किलो से 10 किलोवाट क्षमता तक संयंत्र पर तीन किलोवाट तक की लागत का 40 प्रतिशत तथा 03 किलोवाट से अधिक की क्षमता की लागत का 20 प्रतिशत जोड़कर उक्त के बराबर केन्द्र सरकार अनुदान दे रही है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार सोलर रूफटॉप के घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति किलोवाट 15000 एवं अधिकतम 30 हजार के अनुदान का प्राविधान किया गया गया है।