फादर्स डे: बेटे-बहुओं ने मिलकर कर दी पिता की हत्या

फादर्स डे: बेटे-बहुओं ने मिलकर कर दी पिता की हत्या

पेंशन के रुपये न मिलने से थे नाराज़

-घर के आंगन में लोहे की राड से पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट

-ताबड़तोड़ गिरफ्तारी के बीच पुलिस तफ्तीश जारी

अजय कुमार

कौशाम्बी, 20 जून :मंझनपुर कोतवाली के गांधी नगर मोहल्ले में 60 वर्षीय बुजुर्ग पिता की निर्मम हत्या रविवार की सुबह कर दी गई। आरोप बुजुर्ग के अपने बेटे-बहुओं पर लगा है।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग को नाजुक हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस लाश को कब्जे में लेकर आरोपी बेटे की तलाश में जुट गई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या का कारण पिता रेलवे से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले रुपये का विवाद सामने आया है। फिलहाल हत्या के आरोपी बहुओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मंझनपुर कोतवाली के गांधी नगर मोहल्ले में रहने वाले बैजनाथ पाल (60) स्व.राम स्वरूप रेलवे में ग्रुप डी में नौकरी करते थे। जनवरी 31 को सेवानिवृत होने के बाद बैजनाथ और पत्नी श्रीपति तिनका तिनका कर जोड़ी गृहस्ती, खेत और घर की देखभाल में अपने जीवन के बचे दिन बिता रहे थे। बैजनाथ और श्रीपति के तीन बेटे सुरेंद्र, वीरेंद्र, नरेंद्र, व तीन बेटिया रुमा, उमा, पूजा हैं। बेटे सुरेंद्र, वीरेंद्र एवं बेटी रुमा, उमा की शादी बैजनाथ ने नौकरी के दौरान ही कर दी थी। पूरा परिवार संयुक्त रूप से हंसते खेलते रह रहा था। छोटी बेटी पूजा की शादी 10 दिन बाद पिता बैजनाथ से तय कर रखी थी।

रविवार की सुबह करीब नौ बजे अचानक बेटे सुरेंद्र, वीरेंद्र और बहुओं की चीखने चिल्लाने की आवाज़ ने मोहल्ले की शान्ति भंग कर दी। लोगों का मजमा घर के बाहर जमा हुआ, तो घर के आंगन में बैजनाथ खून से लथपथ जमीन में तड़प रहे थे। चारों तरफ खून की छींटे बिखरी पड़ी थी। सिर में नुकीली लोहे की रॉड धंसी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बेहद नाजुक हालत में बैजनाथ को अस्पताल इलाज को भेजा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मरते-मरते बैजनाथ ने बताई बेटों की करतूत

अस्पताल में मरने से पहले बैजनाथ ने बेटे-बहुओं की करतूत पुलिस ने सामने खोल कर रख दी। नाटकीय ढंग से विलाप कर रही बहु ललिता और मनोज देवी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि बहुओं के उकसाने पर ही पिता बैजनाथ से बेटे सुरेन्द्र और वीरेन्द्र ने पेंशन के रुपये की मांग की। मना करने पर पिता बैजनाथ को बेटे बहुओं ने मिलकर घर के आंगन में लोहे की रॉड से पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया।

10 दिन बाद बेटी पूजा की आनी थी बारात

सेवानिवृत होने के बाद छोटी बेटी पूजा की शादी बैजनाथ ने बड़े धूम धाम से करने की तैयारी कर रखी थी। 30 जून को बिटिया की बरात घर में आनी थी लिहाजा पिता बैजनाथ व मां श्रीपति रात दिन उसी तैयारी में लगे थे। कलेजे के टुकड़ों के हाथ ही मौत के घाट उतारे जाने के बाद बेटी पूजा के सुनहरे सपने, स्याह काली अंधेरी रात में बदल गए हैं।

फादर्स डे पर उजड़ी मांग, कलंकित हुई कोख

आज फादर्स डे है। पिता बैजनाथ की निर्मम हत्या ने मां श्रीपति के जिंदगी के मायने बदल दिए हैं। पति के शव के निहारते खामोश बैठी, पुलिसिया कार्यवाही को देख रही मृत बैजनाथ की बेवा श्रीपति ईश्वर से यही सवाल करती रही कि आखिर उसे किस गुनाह की सजा मिली है, जो चंद कागज के नोट की लालच में आकर उसकी कोख को कलंकित करने वालों बेटों ने बुढ़ापे में उसकी मांग उजाड़ दी। वह किस पर आंसू बहाये, पति की मौत का गम मनाये या फिर पिता के खून के जुर्म में बेटों के जेल जाने का शोक मनाये।

ताबड़तोड़ गिरफ्तारी, तहकीकात जारी

मंझनपुर कोतवाली इन्स्पेक्टर मनीष पांडेय ने बताया, घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा, घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। मरने से पूर्व बयान के आधार पर महिला ललिता, मनोज देवी को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपी फरार है। गिरफ्तारी के लिए छापे की कार्यवाही जारी है। बैजनाथ की लाश को कब्जे में लेकर कानूनी कार्यवाही की जा रही है।